क्यों है काशी सर्वविद्या की राजधानी ..

युगों-युगों से चली आ रही काशी की प्राचीनता, निरन्तरता और विविधता का रूप काशी की शिक्षा-व्यवस्था में भी द्रष्टव्य है। ज्ञानार्जन के उद्देश्य से देश-विदेश के अध्येता काशी आते रहे हैं। विद्या और शिक्षा के क्षेत्र में काशी का उल्लेख वैदिककाल  में मिलता है। उपनिषद काल में एक प्रमुख शिक्षा केन्द्र के रूप में काशी का विकास हो चुका था और शिक्षा आश्रम पद्धति से संचालित होती थी। धनी और सम्पन्न वर्ग के बच्चे अग्रिम दक्षिणा देकर विद्या ग्रहण थे। जबकि गरीब वर्ग के विद्यार्थी सेवा प्रदान कर शिक्षा प्राप्त करते थे। प्रसिद्ध चीनी यात्री ह्वेनसांग (युवाङ् च्वाङ्ग 629-645 ई.) के शब्दों में काशी के नागरिक अत्यधिक शिष्ट थे तथा शिक्षा के प्रति उनका अनुराग था। मध्यकाल (1707) तक काशी में शिक्षण कार्य पूर्ववत् चलता रहा। श्री अनन्त सदाशिव अल्तेकर लिखते हैं कि अनेक शताब्दियों तक शिक्षण संस्थायें व्यक्तिगत रूप से चलती रहीं, अध्यापन कार्य एक विशिष्ट वर्ग द्वारा धार्मिक कर्तव्य के रूप किया जाता था। अविच्छिन्न परम्परा युक्त शिक्षा व्यवस्था की परम्परा में यूरोपीय प्रभाव के कारण परिवर्तन आया। इस व्यवस्था का नाम आधुनिक व्यवस्था है। काशी में शिक्षा आयोजन का प्रारूप जो भी रहा है। किन्तु प्राचीन से अद्यावधि तक शिक्षा की निरन्तरता बनी रही है। इस निरन्तरता में काशी की लगभग 500 से अधिक शिक्षण संस्थाओं का बड़ा योगदान है। इनमें प्रमुख संस्थाओं के नामों की जानकारी शिक्षा बोध की दृष्टि से आवश्यक है।

अट्ठारवीं सदी से काशी में शिक्षा व्यवस्था में परिवर्तन आया।इस

परिवर्तन से युक्त होते हुए भी पारम्परिक संस्कृत विद्यालय और निजी क्षेत्र में संचालित शास्त्रार्थ पाठशालाएं संप्रति कार्यरत हैं। इनकी संख्या 33 है। जिनके नाम हैं-

दरभंगा पाठशाला, नीलकंठ सांगवेद विद्यालय नगवा, भागवत संस्कृत महाविद्यालय नगवा, परांकुश संस्कृत महाविद्यालय अस्सी, वेदवेदांग संस्कृत महाविद्यालय मुमुक्षुभवन अस्सी, रामाचार्य संस्कृत महाविद्यालय अस्सी, रुईया संस्कृत पाठशाला अस्सी, उपदेशक महाविद्यालय, संस्कृत पाठशाला धर्मसंघ, दुर्गाकुण्ड, गोयनका संस्कृत महाविद्यालय अस्सी, विरला संस्कृत महाविद्यालय , आदर्श रानी चन्द्रावती श्यामा महाविद्यालय, बाजोरिया संस्कृत पाठशाला, अस्सी, पाणिनी महाविद्यालय, संन्यासी संस्कृत- महाविद्यालय, बल्लभ राम शालिग्राम सांगवेद विद्यालय, शास्त्रार्थ संस्कृत विद्यालय, टीकामणी संस्कृत महाविद्यालय, उदासीन संस्कृत महाविद्यालय और नित्यानंद वेद विद्यालय।

वैदिक परम्परा से जुड़ी संस्कृत महाविद्यालयों के नाम हैं- ऋग्वेदीय पाठशाला, वेदमूर्ति मामा पेण्डसे की पाठशाला, वेदमूर्ति दिनकर अण्णा जोशी पाठशाला, श्री चन्द्र पाठशाला, डोंगरेजी पाठशाला, विनायक भट्टकाले की पाठशाला युजुर्वेदीय पाठशाला, पण्डित राजाराम शस्त्री कार्लेकर वैदिक पाठशाला, वेदमूर्ति भिंकदीक्षित लेले पाठशाला, सोमनाथ भवापट पाठशाला, सामवेदीय पाठशाला, अथर्ववेदीय पाठशाला और काशी की प्राचीन सभाएं। इसके अतिरिक्त पूरे नगर में 139 संस्कृत महाविद्यालय का संजाल है तथा ये सभी सम्पूर्णनन्द संस्कृत विश्वविद्यालय से सम्बद्ध हैं।

काशी महानगर और समीप के ग्रामीण क्षेत्रों के उच्च माध्यमिक विद्यालयों एवं इण्टर कालेजों की कुल संख्या 169 हैं जिनमें नगर के प्रमुख विद्यालयों एवं इण्टर कालेजों की नाम निम्न हैं।

भारतीय शिक्षा मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय इंगलिशिया लाइन, बी.टी.सी. उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कमच्छा, श्री रामकृष्ण उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिद्धगिरिबाग, रुक्मिणी इण्टर कालेज, बैजनत्था, नगर निगम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मच्छोदरी, भारती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ईश्वरगंगी, गोस्वामी तुलसीदासी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रवीन्द्रपुरी, खोजवां राष्ट्रीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, खोजवां, रामप्यारी रस्तोगी इण्टर कालेज, बांसफाटक, जयनारायण इण्टर कालेज, श्री शिवकरण सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भदैनी, श्री प्रेमचन्द्र इण्टर कालेज पाण्डेय, ए.ओ. मुस्लिम इण्टर कालेज, चेतगंज, आर्य महिला इण्टर कालेज, चेतगंज, सनातन इण्टर कालेज, नई सड़क, सी.एम. एंग्लो बंगाली इण्टर कालेज, भेलूपुर, सेन्ट्रल ब्वाँयज स्कूल, कमच्छा, सेण्ट्रल गर्ल्स स्कूल, कमच्छा, गुरुनानक खालसा बालिका इण्टर कालेज कमच्छा, बसंत कन्या इण्टर कालेज कमच्छा, बंगाली टोला इण्टर कालेज, सोनारपुरा, दुर्गाचरण बालिका इण्टर कालेज सोनारपुरा, हनुमान प्रसाद पोद्दार अन्ध विद्यालय दुर्गाकुण्ड, विश्वनाथ सनातन धर्म इण्टर कालेज, विश्वनाथ गली, सरस्वती इण्टर कालेज, सुड़िया, अग्रसेन महाजनी इण्टर कालेज चौखम्भा, नेशनल इण्टर कालेज पीलीकोठी, बी.पी. मुस्लिम गुजरात इण्टर कालेज भैरोनाथ, हरिश्चन्द्र इण्टर कालेज मैदागिन, श्री हरिश्चन्द्र बालिका इण्टर कालेज मैदागिन, कमलाकर चौबे आदर्श सेवा इण्टर कालेज, औसानगंज, डी.ए.वी. इण्टर कालेज औसानगंज, नवयुग विद्या मंदिर इण्टर कालेज चौकाघाट, प्रसाद इण्टर कालेज, पाण्डेयपुर, उदयप्रताप इण्टर कालेज भोजूबीर, जे.पी.मेहता इण्टर कालेज, कचहरी, कटिंग मेमोरियल इण्टर कालेज नदेसर, राघवराम वर्मा इण्टर कालेज, शिवपुर, कमलापति त्रिपाठी इण्टर कालेज, कैण्ट, राजकीय बालिका इण्टर कालेज फातमान रोड,

ए.ओ. मुस्लिम इण्टर कालेज, कैंट, काशी बालिका इण्टर  कालेज, शिवपुरवा, निवेदिता शिक्षा सदन बालिका इण्टर कालेज, तुलसीपुर, गोपीराधा बालिका इण्टर कालेज, रविन्द्रपुरी, उम्महातुल मोमनीन बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, विपिन बिहारी उ.मा. विद्यालय रामापुरा, कन्या कुमारी बालिका इण्टर कालेज, भोजूबीर, इन्दिरा गांधी इण्टर कालेज, नगर निगम बालिका उ.मा. विद्यालय नीलकंठ, गणेश कन्या इण्टर कालेज, आदर्श विद्या इण्टर कालेज, दारानगर, मातेश्वरी बालिका इण्टर काले, आदमपुरा, बल्लभ विद्यापीठ, बालिका इण्टर कालेज, चौखम्भा, गणेश शिशु सदन बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मालवीय शिक्षा निकेतन, लंका, मां दुर्गा बालिका इण्टर कालेज, लहरतारा, रानी मुरारका कुमारी बालिका इण्टर कालेज, कस्तूरबा बालिका इण्टर कालेज, सुधाकर महिला इण्टर कालेज, पाण्डेयपुर,  अम्बेडकर हर्ष बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कोनिया, श्री बलदेव इण्टर कालेज, बड़ागांव, श्री बलदेव बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़ागांव, सुभद्रा कुमार इण्टर कालेज बसनी, कमला बालिका इण्टर कालेज, बसनी, बद्रीनारायण इण्टर कालेज कनियर, प्रानकुमारी बालिका इण्टर कालेज, मनियर, के.डी. इण्टर कालेज, मंगारी नेवादा, ग्राम्यांचल महिला इण्टर, गंगापुर, प्रेम बहादुर सिंह इण्टर कालेज, आयर, रामेश्वर महादेव इण्टर, क्रइस्टनगर, संकटमोचन इण्टर कालेज, सिंहपुर सारनाथ, महाबोधि इण्टर कालेज, सारनाथ, भगवती धाम इण्टर कालेज , खरगीपुर इण्टर कालेज वरियासनपुर, कच्चा बाबा इण्टर कालेज जाल्हुपुर, विद्या बिहार इण्टर कालेज, सलारपुर, विन्देश्वरी बालिका उ.मा. विद्यालय, चिरगांव, सरदार पटेल इण्टर कालेज, बावनबीघा. गांधी इण्टर कालेज, गौराकला, खड़ेश्वरी बाबा इण्टर कालेज, चांदपुर, इन्द्रा गांधी बालिका इण्टर कालेज, चवसां, आदर्श इण्टर कालेज चोलापुर, बाबा डोमनदेव उ.मा. महाविद्यालय कपिसां, दानगंज, हनुमत इण्टर कालेज, महुआतर, सुलतानीपुर, सुभाष इण्टर कालेज, चौबेपुर, जिला परिषद उ.म. विद्यालय, चौबेपुर, मारकण्टेय उ.मा. विद्यालय, कैथी, लक्ष्मी-शंकर इण्टर कालेज, रजवारी, कालिका धाम इण्टर कालेज, सेवापुरी,  कस्तुरबा महिला इण्टर कालेज, सेवापुर, हाथीबरनी इण्टर कालेज, हाथी, युगलबिहारी इण्टर कालेज, रामेश्वर, गंगापुर इण्टर कालेज, गंगापुर, जगतपुर इण्टर कालेज, जगतपुर, राजकीय इण्टर कालेज, जक्खनी, राजकीय कन्या इण्टर कालेज, जकखनी, ए.पी. इण्टर कालेज, भैरवनाथ, किसान इण्टर कालेज, मिरजामुराद, जनता इण्टर कालेज, खोजवां, भवानी प्रसाद उ. मा. डगहरियां, मातदीन शुकुल इण्टर कालेज,  भास्करानन्द तालाब स्वामी श्रद्धानन्द सरस्वती उ.मा. विद्यालय, गोविन्दपुर रोहनिया, विद्या मन्दिर उ.मा. विद्यालय सुरही, बररिया, महामना मालवीय इण्टर कालेज, बच्छांव, जगरदेव उ.मा. विद्यालय, नयपुरा, राजकीय कन्या इण्टर कालेज, टिकरी, डिरेका इण्टर कालेज, मंडुवाडीह, मां सरस्वती बालिक उ.मा. चांदपुर, कर्मदेश्वर महादेव विद्यालय कंदवा, महामना मदन मोहन मालवीय संकट मोचन, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, रामघाट, आदर्श माध्यमिक विद्यालय, टिकरी, खुर्द बड़ागांव, देवदत्त बालिका उ.मा. विद्यालय, माधव मार्केट, लंका, ललिता शास्त्री हायर सकेण्डरी, शिवपुर, जूनियर हाईस्कूल, सिसवां, बाबतपुर, आर्यावत उ.मा. विद्यालय, नासिरपुर, सुसवांही, रामनिवास पब्लिक स्कूल, आशापुर। सरस्वती विद्या मन्दिर बालिका उ.मा. विद्यालय, शिवपुर। प्रगतिशील कन्या उ.मा. विद्यालय, गोरांई, आरएनएस, उ.मा. विद्यालय, शिवपुर। आरएनएस उ.मा. विद्यालय, नरियां, महाराज प्रभुनारायण सिंह, राजकीय इण्टर कालेज, रामनगर, वाराणसी, राधाकिशोरी राजकीय इण्टर कालेज, रामनगर आदि।

 

 काशी में मदरसों की संख्या अधिक है किन्तु राज्य सरकार द्वारा अनुदानित मदरसों की सूचि निम्नलिखित हैं।

जामिया हमीदिया रिज़विया, मदनपुरा, जामियां, हमीदिया, रिज़विया सिस्वां मदनपुरा, जामिया रहमानिया, मदनपुरा, जामिया फारूकिया रेवड़ी तालाब, मदरसा हनफिया गौसिया, बजरडीहा, मदरसा आहियाउस्सन्ना, बजरडीहा, मदरसा आयरतुल इस्लाह चिरागे उलूम रसूलपुरा, मदरसा मतलउल उलूम, कमनगदा, मदरसा मतउल उलूम सिस्वां जैतपुरा, मदरसा जियाउल उलूम कच्चीबाग, मदरसा मजहरूल उलूम, पीलीकोठी,  मदरसा मदीनतुल उलूम, जलालीपुरा, मदरसा रशीदुल उलूम, सरैया, मदरसा तालीमाने सिवं डिठारीमहल, मदरसा इस्लामिया वारसी काठिनांव, मदरसा मजीदिया सराय हड़हा। इनके अतिरिक्त शहरों में कई ऐसे मदरसों और अन्य मुस्लिम विद्यालय हैं। इनमें सरकारी अनुदान नहीं प्राप्त होते हैं। इनकी संख्या 30 है।

काशी में कई ऐसे विद्यालय एवं कॉनवेंट स्कूल हैं जो निजी क्षेत्र में कार्यरत हैं। अभिभावक अपने सामर्थ्य के अनुसार उन शिक्षण संस्थाओं में शुल्क प्रदान करके अपने बच्चों को पढ़ाते हैं। इनकी संख्या लगभग 110 है। ऐसी संस्थाओं की संख्या नित्यप्रति बढ़ रही है तथा इनकी वास्तविक संख्या बता पाना संभव नहीं है। काशी में सन् 1707 से अध्यावधि तक उच्च शिक्षण संस्थाओं की स्थापना उदारमन दानदाताओं के द्वारा की गई है। बीसवीं सदी के उत्तरार्द्ध में निजी संख्या में निवेशकर्ताओं ने महाविद्यालयों की स्थापना की। फलतः काशी में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अध्ययन-अध्यापन का क्षेत्र प्रशस्त है। यहां काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, सम्पूणानन्द संस्कृत विद्यालय, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, केन्द्रयी तिब्बती विश्वविद्यालय, सारनाथ, मकरजी दारूलउलुम रेवड़ी तालाब जैसे विश्वविद्यालय हैं। इनमें काशी हिन्दू विश्वविद्यालय और केन्द्रीय तिब्बती विश्वविद्यालय केन्द्रीय विश्वविद्यालय है। अरबी माध्यम से अध्यापन से करने वाले  मकरजी दारूलउलुम की स्थापना राज्य सरकार के सहयोग से हुई तथा सम्प्रति से इसे विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त है। काशी महानगर के अन्तर्गत उदय प्रताप स्वायत्तशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय और श्री अग्रसेन कन्या स्वायत्तशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय स्वायत्तशासी है। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से सम्बद्ध नगर के चार महाविद्यालयों में डीएवी पीजी कालेज, बसंत कालेज फॉर विमेन, राजघाट, आर्य महिला विद्यालय, बसंत कन्या विद्यालय कमच्छा, केन्द्रीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय है। इनके अतिरिक्त काशी महानगर के सीमा क्षेत्र में हरिश्चन्द्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय को छोड़कर अन्य महाविद्यालय निजी क्षेत्र में हैं। इनके नाम हैं। सुधाकर महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खजुरी, आदर्श कन्या डिग्री कालेज, दारानगर, महारानी डिग्री कालेज, रामनगर, सनबीम कॉलेज फार विमेन, भगवानपुर। डॉ. भगवान सिंह स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सोईपुर। लमही और धीरेन्द्र महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सुरन्दरपुर इनके अतिरिक्त डीएलब्ल्यू राजकीय महिला महाविद्यालय नगर का एकमात्र राजकीय महाविद्यालय है। महानगर के ग्रामीण क्षेत्र में दस महाविद्यालय हैं। इनके नाम हैं- श्री बलदेव स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बड़ागांव, राममनोहर लोहिया स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भैरव तालाब, जगतपुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जगतपुर, कालिका महाविद्यालय सेवापुरी, राजकीय महाविद्यालय, जक्खिनी, महाराज बलवंत सिंह स्नातकोत्तर महाविद्यालय,  गंगापुर, राजातालाब, दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महिला महाविद्यालय सेवापुरी सरकार से अनुदानित महाविद्यालय है। इसके अतिरिक्त महारानी गुलाब कुमारी महिला डिग्री कॉलेज, पिण्डरा, ग्राम्यांचल महिला महाविद्यालय गंगापुर, मंगारी और सरदार वल्लभ भाई पटेल महाविद्यालय बच्छाव निजी क्षेत्र के महाविद्यालय हैं। छोटे छोटे कई तकनीकी शोध केन्द्र और दूरवर्ती शिक्षा केन्द्र भी हैं। इनके संख्या 70 के लगभग है। इनका भी शिक्षा के क्षेत्र में योगदान है, किन्तु यह अवश्य है कि काशी की अद्यतन शिक्षा की प्रबोधन शैली और ज्ञान के तरीके में परिवर्तन हुआ है। हमे अतीत और अद्यतन के शिक्षा प्रारूप का विच्छेद कहा जा सकता है। इस परिवर्तन को प्रगतिसूचक कहना उचित नहीं होगा।