Home काशी में विरासत मठ एवं आश्रम

मठ एवं आश्रम

वाराणसी में संत महात्माओं का मन बरबस ही रम जाता है। मोह माया से मुक्त तमाम संतों ने काशी को ही अपनी तपस्थली बना ली। यहां की आबोहवा के साथ सामन्जस्य बिठाकर अपने आराध्य की भक्ति करते रहे। ऐसे बहुत से संत हुए जिन्होंने दूसरी जगह से यहां आकर अपना निवास स्थान बनाया और तपस्यारत रहे। ऐसे भी अनेकों योगी हुए जो इस पावन नगरी को किन्हीं कारणों से अपना स्थाई निवास नहीं बना सके लेकिन समय-समय पर काशी यात्रा करते रहे।