संकटहरण हनुमान जी मंदिर वाराणसी

भगवान श्रीराम के अनन्य भक्त एवं गोस्वामी तुलसीदास जी के आराध्य हनुमान जी को भी काशी अतिप्रिय रही है। तभी तो उनका वास इस पावन नगरी में हर जगह है। जिसका अंदाजा सहज ही यहां स्थित अनेकों हनुमान मंदिरों से लगाया जा सकता है। हनुमान जी के जागृत मंदिरों में से एक कबीर रोड स्थित पिपलानी कटरा के पास स्थित संकटहरण हनुमान जी का मंदिर काफी प्रचीन एवं प्रसिद्ध है। बिल्कुल लबे सड़क बेहद छोटे से मंदिर में हनुमान जी की दिव्य बड़ी सी प्रतिमा स्थापित है। मान्यता के अनुसार संकटहरण हनुमान जी के दर्शन-पूजन से भक्तों के सारे संकट दूर हो जाते हैं एवं सुख-शांति मिलती है। नियमित रूप से सुबह शाम मंदिर के बाहर दर्शनार्थी हनुमान जी का दर्शन करते रहते हैं। इस मंदिर में बड़ा आयोजन हनुमान जयंती के अवसर पर होता है।

इस दौरान हनुमान जी की प्रतिमा का कई प्रकार के सुगन्धित एवं आकर्षक फूलों से श्रृंगार किया जाता है। साथ ही भक्तगण रामचरित मानस का अखण्ड पाठ भी कराते हैं। इसके बाद भण्डारे का आयोजन किया जाता है। जबकि शाम को शास्त्रीय संगीत का आयोजन होता है। जिसमें भक्ति गीत गाये जाते हैं। वहीं, प्रत्येक मंगलवार एवं शनिवार को काफी संख्या में भक्त संकटहरण हनुमान जी का दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। सयम-समय पर श्रद्धालु हनुमान जी की प्रतिमा का श्रृंगार कराते रहते हैं। दर्शनार्थियों के लिए यह मंदिर प्रातःकाल 6 से 11 बजे तक एवं सायंकाल 6 से रात 9 बजे तक खुला रहता है। जबकि मंगलवार एवं शनिवार को मंदिर रात 10 बजे तक खुला रहता है। आरती सुबह साढ़े 6 बजे एवं सायंकाल साढ़े 7 बजे एवं शयन आरती रात 9 बजे सम्पन्न होती है।

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