पद्मभूषण डॉ0 बी0एल0 आत्रेय

आप भारत के अद्वितीय चिंतकों में से एक थे। आपने भारतीय मनीषियों को एक नया आयाम दिया। आपकी दार्शनिक दृष्टिकोण आध्यात्मिक तत्त्वमीमांसीय, बौद्धिक, वैज्ञानिक नैतिक तथा सामाजिक थे। आप 1947-1958 तक काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के दर्शन एवं धर्म विभाग के विभागाध्यक्ष रहे। आपने डी0लिट् की उपाधि डॉ0 सर्वपल्लि राधाकृष्णन के शोध निर्देशन में “द फिलॉसफी ऑफ योगवाशिष्ठ” विषय पर शोध किया। दर्शन जगत में आपका योगदान अप्रतिम है।

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