डॉ0 गंगानाथ झा

बीसवीं शताब्दी के अंग्रेजी भाषा-वेत्ता, हेम्नः परमामोदः (सोने में सुगन्ध) की उक्ति को चरितार्थ करने वाले, ‘हिन्दू ला इन इट्स सोर्सेज’ पुस्तक के लेखक हैं आप प्रयाग विश्वविद्यालय में वाइस चान्सलर रहे। इनके नाम पर प्रयाग में ‘गंगानाथ झा रिसर्च इन्स्टीटयूट’ की स्थापना की। जो अब गंगानाथ संस्कृत विद्यापीठ के नाम से जाना जाता है। उच्चकोटि के आस्तिक तथा संयमी पुरुष झा जी नियमितरूप से लेखन कार्य करते थे। महत्त्वपूर्ण कार्यों में डॉ0 थीबों के साथ विद्याख्यलिखित विवरण प्रमेय-संग्रह नाम प्रौढ़ वेदान्तग्रंथ का अंग्रेजी में अनुवाद किया। इसके बाद प्रशस्तवाद भाष्य का अंग्रेजी में अनुवाद। 1909 में प्रभाकर स्कूल ऑफ मीमांसा पर शोध उपाधि प्रयाग विश्वविद्यालय से ग्रहण किया। उनके महत्वपूर्ण ग्रंथ निम्नलिखित हैं-

1-   दि फिलासोफिकल डिसिप्लिन

2-   पूर्व मीमांसा इन इट्स सोर्सेज

3-   शंकर-वेदांत

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